*गरीब किसानो के उपर बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारी कर रहे तानासाही कारनामे का हुआ उजागर
चीफ एडिटर- शैलेंद्र तिवारी
*गरीब किसानो के उपर बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारी कर रहे तानासाही कारनामे का हुआ उजागर*
कटनी- हम आपको बता दे की कटनी एमपीवी विभाग में हो रही तानासाही ,आए दिन अलग-अलग प्रकार की घटनाएं प्रकाश में आ रही है।जो की आश्चर्यजनक हैं ।कहीं किसी का इतना बिल आता है कि बिल न भुगतान कर पाने से उपभोक्ताओं को आत्मघाती कदम उठाने पड़ जाते हैं। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है कि ग्राम देवडोगरा के अंतर्गत आने वाले कोदू चौधरी की मां ने बताया कि मेरे खेत में मेरे लड़के कोदू केनाम का टीसी कनेक्शन लगा हुआ था। परंतु खेती में हो रही हानि के कारण समय पर वह बिल जमा न कर पाने में असमर्थ हो गया। परंतु उससे संबंधित विभागीय कर्मचारी जे ई एवं उसके साथियों के द्वारा बिल न जमा होने के एवज में जबरदस्ती थ्री फेस की खींची हुई तार काट कर ले आए। एवं मजे की बात तो यह है कि विभाग के द्वारा ना तो किसी प्रकार का पंचनामा बनाया गया और ना ही किसान पक्ष को इस कार्यवाही की जानकारी दी गई । परंतु जब किसान को जानकारी लगी की खेत मे सिंचाई के लिए लगी बिजली की तार एमपीबी विभाग के द्वारा काट कर ले गए हैं।तो उसकी सिंचाई का साधन ही ठप हो गया तो पीडिता ने आनंन फानन में अपना मंगलसूत्र गिरवी रखकर बकाया बिजली का बिल 8000 के करीबन जमा किया। परंतु विभाग के द्वारा काटकर लाई गई तीन बंडल तार पीड़िता को नहीं वापस की गई। आश्चर्यजनक तो यह है कि बिजली का बिल अपना मंगलसूत्र गिरवी रखकर जमा की परंतु अगर उसकी तार नहीं दी जाती है तो फिर से उसको हजारों की तार खरीदना पड़ेगा। जबकि पीडिता का साफ तौर पर कहना है कि मैं 3 दिन पहले बिजली का बिल जमा तो कर चुकी हूं परंतु अपनी तार लेने के लिए सुबह से शाम तक पूरा दिन बिजली विभाग दफ्तर पर बैठी रहती हूं मेरे द्वारा तार की मांग करने पर टालमटोल करके भगा दिया जाता है परंतु अगर किसी गरीब के साथ ऐसा ही किया गया तो वह कब तक ऐसा सह पाएगा। मंहगाई की मार के कारण गरीब मजदूर पहले से ही बिल का बोझ नहीं झेल पा रहे इसके बावजूद उनके द्वारा जप्त की गई तार या मशीन जैसे (खेती उपयोग सिंचाई उपकरण)वापस नहीं किया जाता है।जिससे वह आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर है?
*एम पी वी विभाग के जेई का यह कहना है।*
कोदू चौधरी जोकि देव डोगरा गांव में खेती करते है ।उसका समय पर बिजली का बिल न जमा होने के कारण उन पर 5 दिन पहले कार्यवाही की गई थी। एवं विभाग के द्वारा काटकर लाई गई उसकी बिजली की तार का एक बंडल तीन दिन पहले ही वापस कर दी गई थी। और जो बची हुई बिजली की तार थी वह आज वापस कर दी गई है।

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