पुकार माता ' सुनतीं हैं हर किसी की मुराद, पहाड़ी पर सजा है भव्य दरबार
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chief editor -shailendra tiwari
सुनतीं हैं पुकार माता,हर भक्तों मुराद होती है पूरी, पहाड़ी पर सजा है भव्य दरबार,
300 साल पुराना है माता का मंदिर, बड़वारा तहसील की रक्षक के रूप में जानी जाती हैं मां
कटनी - नौ दिनों तक समूचा जगत शाक्ति की आराधना में लीन रहता है। बड़ी सुबह से मां के दरबार में जल चढ़ाने, आरती पूजन करने के लिए भक्तों की भीड़ मंदिर में उमड़ रही है। हर तरफ आदिशाक्ति की कृपा बरस रही है। हर गली, मोहल्ले, गांव में मां के पूजन का विशेष क्रम जारी है। इसी तरह जिले से 35 किलोमीटर की दूरी पर मिड़रा व सल्हना के बीच की पहाड़ी पर विराजमान है 'मां पुकार' माता का मंदिर, जो कि 300 वर्ष पुराना है। बड़वारा तहसील की रक्षक के रूप में जानी जाती हैं। मंदिर के पुजारी का कहना है।
मंदिर के पुजारी शिवकुमार दुबे ( बबलू महराज) ने बताया कि घुड़सवार इस क्षेत्र से अपना माल लेकर जाते थे। एक दिन रात में वे सभी एक पेड़ के नीचे आराम करते रुक गए और अपने इष्ट देवता से प्रार्थना की कि हमारी रक्षा करना जंगलों में शेर रहते हैं। वे आराम करने लगते हैं तभी वहां पर शेर पहुंच जाता है। उसकी दहाड़ सुनकर घुड़सवार घबरा जाते हैं और भगवान से उनकी रक्षा करने की पुकार लगाने लगे तभी ऊपर पहाड़ की चोटी से आवाज आती है। इसमें कहा जाता है कि उन्हें कोई चोट न आए वो मेरी शरण में है उसके बाद वह आवाज एवं शेर वहां से गायब हो जाते हैं और उनकी जान बच जाती है। इसके बाद घुड़सवार लोग मिड़रा गांव में पहुंचते हैं और वहां के ग्रामीणों से मिलते हैं। गांव के बुजुर्ग पटेल बाबा व रामनिवास दुबे के पास पहुंचे व्यापारीगणों ने अपनी आपबीती बताई और कहा कि वहां एक शेर अपना भोजन मांगता है तो वहां से आवाज आती है कि तुम वहां जाकर पड़ा को भोज बनाओ। यह सुनवार बुजुर्ग व अन्य ग्रामीणों ने बताए गए स्थान को पहुंचकर देखा तो वहां पड़वा मिला। इसके बाद सभी जंगल की चोटी पर पहुंचे तो वहां पर उन्हें माता की एक पत्थर की मूर्ति मिली, जो कि पुकार माता की थी फिर यह खबर आस - पास के क्षेत्र में भी फैल गई और यह पहाड़ी लोगों के लिए आस्था का केन्द्र बन गया।
*भक्तों ने मिलकर बनवाया मंदिर*
मिड़रा के ग्रामीणों ने माता की विधि - विधान से पूजा कराई। सभी लोगों ने मिलकर एक मंदिर बनवाया। बताया जाता है कि पुकार माता के मंदिर में 465 सीढ़ी चड़कर जाना पड़ता है। मनोज तिवारी ( राधे महाराज) , सुरेश त्रिपाठी, विभाष दुबे, राजेश दुबे, सचिन दुबे पुष्पलता दुबे, तृप्ति दुबे, विनायक दुबे, ने बताया कि बड़वारा तहसील की रक्षक के रूप में जानी जाने वाली माता के दर से संतान की मुराद पूरी होती है और कोई भी व्यक्ति जो भी वहां जाकर जो भी मन्नत मांगते है वह पूरी होती है।


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