वनाग्नि से निपटने के लिए वन विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां*
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chief editor -shailendra tiwari
वनाग्नि से निपटने के लिए वन विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां
काटनी -वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए फायर सीजन शुरू होने से पहले ही फायर लाइनों का समुचित रखरखाव किया गया। इसके साथ ही वनाग्नि से संबंधित त्वरित सूचना के आदान-प्रदान के लिए डीएफओ कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (FSI) से प्राप्त अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने स्थानीय समुदाय को भी इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनाया है। संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (JFMCs) तथा महुआ फूल संग्रहकर्ताओं के साथ कई बैठकें आयोजित कर उन्हें जागरूक किया गया। गांवों में पंपलेट वितरित कर वनाग्नि के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वन क्षेत्रों में वॉच टावरों और अन्य ऊंचे स्थानों से दिन-रात मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक रेंज को निगरानी के लिए 6 नए ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आग की घटनाओं का शीघ्र पता लगाया जा सके।
वन्य जीवों और आग बुझाने के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सॉसर और तालाबों को पहले ही पानी से भर दिया गया है। साथ ही, सभी रेंजों में फायर बीटर, ब्लोअर और बैकपैक वाटर पंप जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
वन विभाग के अनुसार, अब तक कटनी वन मंडल में कुल 116 वनाग्नि अलर्ट प्राप्त हुए हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घटनाओं को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
कटनी वन विभाग की यह सक्रियता और पूर्व तैयारी न केवल जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि स्थानीय समुदाय में भी जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा दे रही है।


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