थाना रीठी क्षेत्रातंर्गत हुये अंधे कत्ल का 24 घंटे के अंदर पुलिस ने किया खुलासा*

 

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chief editor -shailendra tiwari 

*थाना रीठी क्षेत्रातंर्गत हुये अंधे कत्ल का 24 घंटे के अंदर पुलिस ने किया खुलासा*



 पुलिस अधीक्षक  द्वारा थाना रीठी क्षेत्र के अंतर्गत हुई अंधी हत्या के मामले के शीघ्र खुलासा हेतु निर्देशित किया गया था अभिनय विश्वकर्मा पुलिस अधीक्षक महोदय कटनी के मार्गदर्शन में, श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ  संतोष डेहरिया व  उप पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में गठित टीम द्वारा अंधी हत्या के प्रकरण का 24 घंटे के अंदर खुलासा कर विधि विरूद्ध बालिका को अभिरक्षा में लेकर माननीय किशोर न्याय बोर्ड पेश किया गया।  

*घटना का संक्षिप्त विवरण-* दिनांक 11.02.26 को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रीठी के ग्राम खम्हरिया में एक युवक सुनील भुमिया पिता रमेश भुमिया उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम परसवाहा थाना विजयराघवगढ की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मर्ग क्रमांक 11/26 धारा 194 बीएनएसएस का पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। घटना स्थल का उप पुलिस अधीक्षक महोदय  रत्नेश कुमार मिश्रा द्वारा निरीक्षण किया गया एवं संदिग्ध परिस्थितियों युवक की मृत्यु होने से मामले में गंभीरता से जांच कार्यवाही की गई घटना स्थल पर एफएलएल टीम द्वारा निरीक्षण किया गया शव का पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें डाॅक्टर द्वारा मृतक की मृृत्यु किसी चीज से गला घोटे जाने के कारण होना बताया गया। घटना स्थल निरीक्षण शव पंचनामा पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं साक्ष्यों के कथन तथा परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अप0क0्र 85/26 धारा 103(1) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना की गई विवेचना में पाया गया कि मृतक दिनांक 10.02.26 की रात अपने होने वाली ससुराल आया था जहां शराब आदि का सेवन करने के बाद उसका होने वाली पत्नि विवि विरूद्ध बालिका से झगडा हुआ जिसमें विधि विरूद्ध बालिका द्वारा बिजली के वायर से सुनील भुमिया का गला घोंट दिया गया जिससे उसकी मृत्यु हुई मामले में विधि विरूद्ध बालिका के अभिरक्षा में लेकर माननीय किशोर न्यायालय पेश किया गया।  

*पुलिस कार्यवाही में विशेष भूमिका-* उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी रीठी निरी. मोहम्मद शाहिद, उनि0 दिनेश चैहान, सउनि0 जयचंद, प्रआर अजय मेहरा, राम पाठक, ओमशंकर शुक्ला, आर0 नितेश दुबे, ज्ञानेंद्र, समशेर, शहंशाह, विजय, अमन, एवं चालक जफर खान का विशेष योगदान रहा।

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