कटनी मेडिकल कॉलेज पर विधानसभा में बवाल! सरकार का दो टूक जवाब—*

fast News 9 

chief editor -shailendra tiwari 

 कटनी मेडिकल कॉलेज पर विधानसभा में बवाल! सरकार का दो टूक जवाब—शासकीय मेडिकल कॉलेज पर कोई विचार नहीं', कांग्रेस का बड़ा हमला


विधायक लखन घनघोरिया ने सदन में उठाए तीखे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के जवाब से गरमाई सियासत। कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने कहा—सरकार ने जनता की उम्मीदों पर फेरा पानी।


कटनी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने पीपीपी मोड पर बन रहे मेडिकल कॉलेज का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। वहीं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के जवाब के बाद कांग्रेस ने सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

विधानसभा में विधायक लखन घनघोरिया ने सरकार से पूछा कि कटनी में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए जिस संस्था से अनुबंध किया गया है, उससे जुड़े मामलों की स्थिति क्या है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कटनी की जनता की वास्तविक मांग शासकीय मेडिकल कॉलेज की नहीं है और क्या पीपीपी मॉडल को लेकर जनता में नाराज़गी है।

स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अपने जवाब में कहा कि वर्तमान में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और सरकार के अनुसार इस मॉडल को लेकर जनता में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं है। सरकार ने यह भी कहा कि वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। 

सरकार के जवाब पर कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जवाब कटनी की जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता लंबे समय से शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग करती रही है और इस मुद्दे पर कई आंदोलन भी हुए। उनका कहना है कि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी की है।

*दिव्यांशु मिश्रा अंशु का कहना है।*

"सरकार ने विधानसभा में जो जवाब दिया है, उससे साफ हो गया है कि शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने का कोई इरादा नहीं है। कांग्रेस इस फैसले का विरोध करती है और छात्रहित व जनहित में अपना संघर्ष जारी रखेगी।

कटनी मेडिकल कॉलेज को लेकर विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद जिले की राजनीति फिर गर्मा गई है। अब देखना होगा कि सरकार अपने फैसले पर कायम रहती है या जनता की मांग को देखते हुए भविष्य में कोई नया निर्णय लेती है।

Comments

Popular posts from this blog

मई की चिलचिलाती धूप… आसमान से बरसती आग…फिर भी नहीं मिल रहा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को गर्मी में अवकाश।*

प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप! कटनी में जिला पंचायत सीईओ से जांच और कार्रवाई की मांग

कटनी बस स्टैंड पर मिली अज्ञात व्यक्ति की लाश, यात्रियों में मचा हड़कंप, पुलिस ने संभाला मोर्चा*