कैलवारा खुर्द में 15 अगस्त का अनूठा नवाचार, 40 से अधिक बुजुर्गों का हुआ भव्य सम्मान
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chief editor -shailendra tiwari
कैलवारा खुर्द में 15 अगस्त का अनूठा नवाचार, 40 से अधिक बुजुर्गों का हुआ भव्य सम्मान
कटनी। जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह पारंपरिक उत्साह के साथ एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल के लिए भी यादगार बन गया। पंचायत परिसर में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गांव के 40 से अधिक बुजुर्गों का सम्मान कर उन्हें समाज का मार्गदर्शक बताया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच छुट्टू कोल ने की, जबकि मंच संचालन एवं मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता एवं समाजसेवी विनोद बड़गैया मौजूद रहे। वहीं सेवानिवृत्त जनपद पंचायत कटनी के पीसीओ पद पर रहे अशोक चक्रवर्ती भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मनीष गौतम, राजेश पाल, नरेंद्र दुबे, चमन कोल, अनिल कोरी, नीरज पांडेय सहित जनप्रतिनिधि और ग्राम पंचायत सचिव विष्णु लाल चक्रवर्ती मौजूद रहे।
बुजुर्गों के सम्मान से स्वतंत्रता दिवस को बनाया खास
ग्राम पंचायत के इस विशेष नवाचार के तहत गांव के 40 से अधिक वयोवृद्धों को पंचायत भवन परिसर में आमंत्रित किया गया। सभी बुजुर्गों का रोली-अक्षत से तिलक, मोतियों की माला पहनाकर और शॉल भेंट कर सम्मान किया गया। इसके साथ ही उनका मुंह मीठा कराया गया और पंचायत प्रतिनिधियों ने उनका आशीर्वाद लिया।
सम्मान पाकर कई बुजुर्ग भावुक नजर आए। उन्होंने पंचायत की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों का सम्मान समाज की संस्कृति और संस्कारों को मजबूत करता है।
पंचायत नेतृत्व की सराहनीय पहल
इस आयोजन को सफल बनाने में सरपंच छुट्टू कोल, सचिव विष्णु चक्रवर्ती और पंच नीरज पांडेय की विशेष भूमिका रही। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि आज जिस स्वतंत्रता का हम उत्सव मना रहे हैं, उसकी नींव हमारे बुजुर्गों के संघर्ष, त्याग और अनुभवों से भी जुड़ी है। इसलिए राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर उनका सम्मान करना पंचायत की जिम्मेदारी है।
क्षेत्र में बना चर्चा का विषय
कैलवारा खुर्द पंचायत की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा और प्रशंसा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर अन्य ग्राम पंचायतों में भी बुजुर्गों के सम्मान की परंपरा शुरू की जाए।
इससे जहां बुजुर्गों का मनोबल बढ़ेगा, वहीं युवा पीढ़ी में अपने बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।
कैलवारा खुर्द का यह आयोजन संदेश दे गया कि राष्ट्रीय पर्व केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि उन लोगों के सम्मान का भी अवसर है, जिनके अनुभव और आशीर्वाद से समाज की पीढ़ियां आगे बढ़ती हैं।


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