माधवनगर कैंप में अवैध शराब का ‘मकरजाल’! एक लाइसेंसी दुकान की आड़ में 20 से ज्यादा पैकारियों का आरोप, प्रशासन की चुप्पी पर बड़े सवाल
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chief editor -shailendra tiwari
माधवनगर कैंप में अवैध शराब का ‘मकरजाल’! एक लाइसेंसी दुकान की आड़ में 20 से ज्यादा पैकारियों का आरोप, प्रशासन की चुप्पी पर बड़े सवाल
कटनी के माधवनगर कैंप इलाके में अवैध शराब बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में महज एक लाइसेंसी शराब दुकान स्वीकृत होने के बावजूद गली-कूचों और घनी आबादी के बीच करीब 20 से अधिक अवैध पैकारियां धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। सुबह से देर रात तक चल रहे इस कथित अवैध कारोबार से महिलाओं, बच्चों और आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह है कि आखिर आबकारी और पुलिस विभाग की नजरों से यह पूरा खेल कैसे बचा हुआ है?
माधवनगर कैंप में शराब का कथित अवैध नेटवर्क!
माधवनगर कैंप। क्षेत्र में शराब की कथित अवैध बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नागरिकों का दावा है कि एक लाइसेंसी शराब दुकान के अलावा बाजार और आसपास की आवासीय गलियों में करीब 20 से अधिक कथित अवैध पैकारियां संचालित हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इन ठिकानों पर सुबह से लेकर देर रात तक शराब की बिक्री का सिलसिला चलता है। घनी आबादी और बाजार के बीच इस तरह शराब बिकने से क्षेत्र के सामाजिक माहौल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
लोगों का कहना है कि शराब के नशे में कई बार विवाद, गाली-गलौज और मारपीट जैसी स्थिति बन जाती है। ऐसे में बाजार से गुजरने वाली महिलाओं, बच्चों और परिवारों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि समय रहते इन कथित अवैध बिक्री केंद्रों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी सामने आ सकती है।
आबकारी विभाग और पुलिस की भूमिका पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा है।
अगर वास्तव में लाइसेंसी दुकान के अलावा इतने बड़े स्तर पर अवैध शराब बिक्री हो रही है, तो जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है?
क्या इन कथित पैकारियों के खिलाफ नियमित जांच और कार्रवाई नहीं हो रही?
और अगर शिकायतें अधिकारियों तक पहुंच रही हैं, तो कार्रवाई जमीन पर दिखाई क्यों नहीं दे रही?
राजस्व के साथ कानून-व्यवस्था का भी मामला
अवैध शराब बिक्री केवल सरकारी राजस्व के नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में कितने शराब बिक्री केंद्र वैध हैं और किन स्थानों पर नियमों के विपरीत शराब बेची जा रही है।
जनता ने उठाई कार्रवाई की मांग
माधवनगर कैंप के नागरिकों ने जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर शराब बिक्री के सभी ठिकानों की जांच की जाए। यदि जांच में अवैध बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
सबसे बड़ा सवाल
अब सवाल सीधे जिला प्रशासन से है—
क्या माधवनगर कैंप में कथित अवैध शराब बिक्री पर प्रशासन कार्रवाई करेगा?
क्या आबकारी विभाग इन सभी बिक्री केंद्रों की जांच करेगा?
क्या पुलिस अवैध शराब से जुड़े विवादों और कानून-व्यवस्था की शिकायतों पर सख्ती दिखाएगी?
और सबसे अहम—
क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है, या अब माधवनगर कैंप में चलेगा अवैध शराब के खिलाफ बड़ा अभियान?
अब देखना होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन जागता है या फिर अवैध शराब के इस कथित मकरजाल पर जिम्मेदार विभागों की खामोशी यूं ही कायम रहती है।

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