जनता की फरियाद पर महापौर का एक्शन! कटनी नगर निगम में गूंजी समस्याओं की आवाज, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
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chief editor -shailendra tiwari
जनता की फरियाद पर महापौर का एक्शन! कटनी नगर निगम में गूंजी समस्याओं की आवाज, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
कटनी। नगर निगम कार्यालय में मंगलवार, 8 सितंबर को साप्ताहिक ‘महापौर जनसुनवाई’ का आयोजन किया गया, जहां शहर के अलग-अलग वार्डों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी के सामने रखीं।
जनसुनवाई में नागरिकों ने जर्जर सड़कों की मरम्मत, जलकर, आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन योजनाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। महापौर ने एक-एक आवेदक की समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की वस्तुस्थिति की जानकारी ली।
आवेदन आते ही अधिकारियों से मांगा जवाब!
महापौर श्रीमती सूरी ने लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल किए और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
महापौर ने कहा कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी जायज समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। अधिकारियों को समय-सीमा के साथ-साथ कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई बनी जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद
महापौर ने कहा कि जनसुनवाई महज आवेदन लेने की औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता और नगर निगम प्रशासन के बीच सीधे संवाद और विश्वास का माध्यम है। नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनका प्रभावी और समयबद्ध समाधान करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जनसुनवाई के दौरान स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल प्रदाय, प्रकाश और समाज कल्याण विभाग के प्रमुख अधिकारियों सहित तकनीकी अमला मौजूद रहा। संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कुल मिलाकर, कटनी नगर निगम की महापौर जनसुनवाई में जहां नागरिकों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं, वहीं महापौर ने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया—जनता की शिकायतों को टालना नहीं, बल्कि समय-सीमा में उनका समाधान करना है।

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