पत्रकार सुरक्षा कानून: तीन साल पुराना आदेश, एक बैठक और फिर सन्नाटा!समिति बनी, रिपोर्ट का इंतजार जारी—कब बनेगा पत्रकार सुरक्षा कानून?
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chief editor -shailendra tiwari
पत्रकार सुरक्षा कानून: तीन साल पुराना आदेश, एक बैठक और फिर सन्नाटा!समिति बनी, रिपोर्ट का इंतजार जारी—कब बनेगा पत्रकार सुरक्षा कानून?
कटनी के वरिष्ठ पत्रकार हरिशंकर पाराशर की कलम सेभोपाल, 25 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की प्रक्रिया को लेकर जारी सरकारी आदेश को आज तीन साल पूरे हो गए, लेकिन कानून अब तक अस्तित्व में नहीं आया। जनसंपर्क विभाग के आदेश क्रमांक PRE/2/0002/2023-Sec-1-24(PRE)/जस/24, दिनांक 25 सितंबर 2023, में पत्रकार सुरक्षा कानून के संबंध में गठित समिति में वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव को सदस्य नामांकित किए जाने का उल्लेख है।
यह आदेश तत्कालीन शासन स्तर पर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा था। इससे पहले 20 सितंबर 2023 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति को देश के अन्य राज्यों में लागू पत्रकार सुरक्षा कानूनों का अध्ययन कर दो माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
एक बैठक के बाद प्रक्रिया पर सवाल
उपलब्ध विवरण के अनुसार समिति की अक्टूबर 2023 में बैठक हुई, लेकिन इसके बाद आगे की बैठकों और रिपोर्ट को लेकर सवाल उठते रहे। समिति के सदस्य महेश श्रीवास्तव ने वर्ष 2025 में सार्वजनिक रूप से कहा था कि गठन के बाद केवल एक बैठक हुई और लंबे समय तक समिति की दोबारा बैठक नहीं बुलाई गई।
इस बीच विधानसभा चुनाव हुए, नई सरकार बनी, लेकिन पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर गठित समिति की प्रक्रिया आगे बढ़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
विधानसभा में भी उठा मुद्दा
वर्ष 2026 में मंदसौर विधायक विपिन जैन ने विधानसभा में पत्रकार सुरक्षा कानून के मुद्दे को उठाया। इससे यह सवाल फिर सामने आया कि वर्ष 2023 में गठित समिति की अब तक कितनी बैठकें हुईं, क्या रिपोर्ट तैयार हुई और कानून बनाने की प्रक्रिया किस चरण में है।
आदेश से कानून तक—कब पूरी होगी प्रक्रिया?
तीन साल पहले जारी सरकारी आदेश में समिति गठन और पत्रकार सुरक्षा कानून की दिशा में प्रक्रिया शुरू करने का उल्लेख था। लेकिन तीन साल बाद भी पत्रकार सुरक्षा कानून का अंतिम स्वरूप सामने नहीं आया है।
पत्रकार संगठनों और पत्रकारों की ओर से समय-समय पर सुरक्षा कानून की मांग उठती रही है। ऐसे में अब मुख्य सवाल यही है—
तीन साल पहले शुरू हुई प्रक्रिया कब पूरी होगी?
समिति की रिपोर्ट कहां है?और मध्य प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून कब अस्तित्व में आएगा?
सरकारी आदेश से शुरू हुई प्रक्रिया का अगला चरण अब भी स्पष्ट होने का इंतजार कर रहा है।


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