दिल्ली में पत्रकारों की हिरासत पर कटनी में गरजा पत्रकार संगठन! कलेक्ट्रेट पहुंचा आक्रोश, सुरक्षा कानून की उठी बुलंद मांग
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chief editor -shailendra tiwari
दिल्ली में पत्रकारों की हिरासत पर कटनी में गरजा पत्रकार संगठन! कलेक्ट्रेट पहुंचा आक्रोश, सुरक्षा कानून की उठी बुलंद मांग
कटनी -दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने और उनके पत्रकारिता उपकरण जब्त किए जाने के विरोध में अब कटनी में भी आवाज बुलंद हुई है। द जर्नलिस्ट एसोसिएशन, कटनी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
15 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन ने प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन तहसीलदार रामटेक ने प्राप्त किया, जिसे एएसपी कमल मौर्य के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों तक प्रेषित किया जाएगा।
संगठन का आरोप है कि 13 अक्टूबर को दिल्ली में नागरिक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान कई पत्रकारों को पुलिस हिरासत में लिया गया, उनके कैमरे और अन्य पत्रकारिता उपकरण जब्त किए गए तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। पत्रकार संगठन ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
पांच बड़ी मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
संगठन ने हिरासत में लिए गए पत्रकारों की तत्काल रिहाई और जब्त उपकरण वापस करने, घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ ही केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू करने, सार्वजनिक प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान पत्रकारों के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाने और पुलिसकर्मियों को प्रेस स्वतंत्रता एवं मीडिया अधिकारों को लेकर अनिवार्य प्रशिक्षण देने की मांग भी रखी गई।
कटनी से साफ संदेश—पत्रकारिता पर दबाव मंजूर नहीं!
द जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों का काम घटनाओं को जनता तक पहुंचाना है। यदि कवरेज के दौरान पत्रकारों को ही हिरासत, दुर्व्यवहार या उपकरण जब्ती का सामना करना पड़ेगा, तो यह प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष महेंद्र सोनी गुड्डू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। इनमें बालकृष्ण (बल्लू यादव), मनोज परिहार, नीरज पांडे, वेद प्रकाश दुबे, शैलेन्द्र तिवारी, अमित नायक , नरेश बजाज, अभिमन्यु विश्वकर्मा, संदीप शर्मा, सुजीत सिंह सोलंकी, विनयराज, सुरेन्द्र शर्मा, हीरा विश्वकर्मा, ज्योति तिवारी, सायरा बानो, हेमंत सिंह, डी.डी. यादव, आशीष चौधरी, सुमित मलिक, राजेश तिवारी, निखिल साहू, विकास साहू, विकास श्रीवास्तव, संदीप स्वर्णकार, सौरभ श्रीवास्तव, प्रियंका, श्याम, ऋषभ, आरती शुक्ला और अरुण निगम सहित अनेक पत्रकार शामिल रहे।
संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया—पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।


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