कैलवारा खुर्द में विकास पर सियासत या साजिश? वायरल वीडियो पर आदिवासी सरपंच ने लगाए गंभीर आरोप
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chief editor -shailendra tiwari
कैलवारा खुर्द में विकास पर सियासत या साजिश? वायरल वीडियो पर आदिवासी सरपंच ने लगाए गंभीर आरोप
कटनी/कैलवारा खुर्द। ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में विकास कार्यों को लेकर सामने आ रही शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पंचायत की सियासत को गरमा दिया है। एक ओर पंचायत के उपसरपंच पक्ष की ओर से विकास कार्यों को लेकर शिकायतें और सवाल उठाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर सरपंच छोटू आदिवासी ने इन शिकायतों और खबरों को भ्रामक बताते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है।
पुलिया का वीडियो बना विवाद की वजह
सरपंच पक्ष का कहना है कि जिस पुलिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसका निर्माण करीब 8 से 9 महीने पहले लगभग 20 से 22 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। उनका दावा है कि पुलिया के जल निकासी मार्ग में कुछ लोगों द्वारा बड़े पत्थर डाल दिए जाने से पानी का बहाव प्रभावित हुआ और पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा।
सरपंच के अनुसार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय लोगों ने किनारे से अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था की। उनका आरोप है कि इसी स्थिति का वीडियो बनाकर उसे अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया गया और पंचायत के विकास कार्यों पर सवाल खड़े किए गए।
सरपंच का बड़ा आरोप—‘आदिवासी होना क्या मेरा श्राप है?’
सरपंच छोटू आदिवासी का कहना है कि उन्हें लगातार दबाव में लाने और बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका आरोप है कि उनके खिलाफ बार-बार शिकायतें और वीडियो सामने लाए जाते हैं।
सरपंच ने भावुक होते हुए सवाल उठाया कि “क्या मेरा आदिवासी होना ही मेरा श्राप है?” उनका कहना है कि पंचायत की जिम्मेदारी संभालने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
पुराने विवाद का भी दिया हवाला
सरपंच पक्ष का आरोप है कि उपसरपंच का पंचायत सचिव के साथ पूर्व में विवाद भी हो चुका है और इसी पुरानी खींचतान का असर अब पंचायत के विकास कार्यों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पूर्व और वर्तमान विकास कार्यों पर भी उठे सवाल
सरपंच पक्ष की ओर से उपसरपंच की पत्नी के पूर्व सरपंच कार्यकाल के विकास कार्यों का भी मुद्दा उठाया गया है। दावा किया गया है कि आदिवासी मोहल्ले में पूर्व कार्यकाल में बनाए गए रंगमंच की वर्तमान स्थिति उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।
वहीं वर्तमान सरपंच पक्ष का दावा है कि सार्वजनिक काली मंदिर परिसर में बनाया गया नया रंगमंच मजबूत और उपयोगी है, जिसकी ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल—विकास कार्यों की जांच हो या आरोप-प्रत्यारोप?
कैलवारा खुर्द में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवाल वास्तविक अनियमितताओं से जुड़े हैं या फिर पंचायत की अंदरूनी राजनीति का परिणाम हैं?
यदि किसी निर्माण कार्य में गुणवत्ता या राशि के दुरुपयोग का संदेह है, तो उसका फैसला आरोप-प्रत्यारोप या वायरल वीडियो से नहीं, बल्कि मौके की तकनीकी जांच, निर्माण रिकॉर्ड, स्वीकृत राशि और संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच से होना चाहिए।
वहीं सरपंच पर लगाए जा रहे आरोपों पर उनका पक्ष भी सामने आना जरूरी है, ताकि ग्रामीणों के सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
कैलवारा खुर्द में अब ग्रामीण पूछ रहे हैं—
“पुलिया की हकीकत क्या है? विकास कार्यों में गड़बड़ी है या फिर विकास के नाम पर राजनीतिक खींचतान?”
अब निगाहें प्रशासन की निष्पक्ष जांच पर हैं, जिससे आरोपों और दावों के बीच की वास्तविकता सामने आ सके।

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